Poetry
कभी मिलो तो सही, हम तबीयत से
अपनें दिल का हर किस्सा तुम्हें बतायेंगे
दिन कैसे गुज़रतें हैं, रातें कितनी तन्हा होती हैं
हम अपनें हर पल का मंजर तुम्हें बतायेंगे
हमनें हर पल गुज़ारा है तेरी यादों को दिल में सजा कर
रही कितनी फिकर तेरी हर कितनी हम तुम्हें बतायेंगे
होगा आसान तुम्हारे लिए
मुहब्बत में हमसे दूर रहना
पर हम रह लेतें है बिन तुम्हारे आसानी से
तुम ऐसा समनें की भूल ना करना
शायद तुम भूल गये ,पर हमें अपनी मुहब्बत का हर पल याद है
तुम तो छोड़ कर आगे बढ़ गये, पर तेरी यादें मेरे साथ है
मैनें कर लिया है तेरी यादों को कैद अपनें दिल में
तुम हमसे ख़फा हो गये,
पर मेरा दिल ना तुझसे नाराज़ है
तेरी यादों के संग अलग सी दुनिया बसा ली है मैनें
तू असल ज़िन्दगी में ना सही
पर उस दुनिया में तू हर पल मेरे साथ है
शायद तुम भूल गये
पर तेरे संग गुज़रा हर पहलू मुझे याद है



