Poetry
ओ आसमान के सितारे सुन
ज़रा मेरा एक पैग़ाम पहुंचा देना उनतक
कहना हमारी ज़िन्दगी बस उनकी रौशनी से गुलज़ार है
हमारी ज़िन्दगी बाकी है बस उनतक
कहें किन लफ्ज़ों में की उनकी एहमियत क्या है
हम देंखें जिधर भी बस उनके निशां हैं
हमें आती नहीं अदा दिल की बात कहनें की
पर तुम कोशिश करना उन्हें समझाने की
कहना उनसे वो हमारी वजह हैं हमारे वजूद की
उनसे अलग हो कर कोई पहचान नहीं हमारे खुद की


