वो ज़िन्दगी जो तेरे साथ होगी

Law life aur multigyan
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Poetry 


वो ज़िन्दगी जो तेरे साथ होगी 

फिर क्या फिकर की आगे क्या बात होगी  

होगीं वजहे लाखों ग़म की 

फिर भी खुशियों की हर पल बरसात होगी 

तुझे देख कर हम हर ग़म भुला देंगे 

हर अगला कदम बस तेरे सहारे रख लेंगे 

मेरे मर्ज़ी में अगर तेरी मर्ज़ी शामिल हो जाये 

तो ज़िन्दगी का हर रस्ता मंज़िल बन जाये 

तेरा साथ होगा तो फिर कभी ना अंधेरे से भरी काली रात होगी 

हर पल होगा उजाला और रोशनी से भरी ये ज़िन्दगी होगी 

जो तू साथ होगा तो फिर ना कोई कमी होगी 

हर पल होगा मुहब्बत से भरा, ऐसी खुशनसीब ज़िन्दगी होगी 




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