ये फासला मिट जायेगा अगर

Law life aur multigyan
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Poetry


ये फासला मिट जायेगा अगर तुम्हारी मर्जी हो जाये

तू बन जा मेरी मुहब्बत का खुदा,एक तेरी बन्दगी ही मेरा काम हो जाये

 तू कर दे इशारा बस, तेरा इशारा मेरा मेरे होने की वजह बन जाये

मुझे किसी और की फिकर नहीं, बस मिल जाय एक तेरा सहारा

मुझे किसी और  मंजिल की ज़रुरत नहीं

एक तू ही मेरी मंजिल है

कुछ और हासिल करनें की चाहत नहीं

अगर तू जिन्दगी में हासिल है

अगर तेरा एक इशारा हो जाये, मेरे इस मुसाफिर दिल को पनाह मिल जाय

तू अगर शामिल हो जाये किस्मत में मेरी,मेरी रुठी तकदीर भी मेरी खुशियों की वजह बन जाये

मिट जायेगीं ये दूरियां भी अगर तेरी मंजूरी हो जाये

तू बन जा मेरी मुहब्बत का खुदा, एक तेरी बन्दगी ही मेरा काम बन जाय



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