Poetry
जल्द बदलेंगे नजारे सभी, सबका नज़रीया भी बदलेगा
जो आज ज़रा सा लड़खडा़या हुआ है , कल वो भी सम्भलेगा
किसी एक के हक में वक्त हर बार रहता नहीं
हर बार किसी एक के सिर पर ताज है सजता नहीं
ये दौर है मुश्किलों का, ये दौर भी निकल जायेगा
फिर बदला वक्त नई उम्मीद लायेगा
ये वक्त है हौसला रखने का
खुद से खुद की उम्मीद बनाये रखने का
जिसे मिला नहीं उजाला कभी,वो भी रोशनी तक जायेगा
गर्त में सालों से डूबा हुआ भी, आसमान तक जायेगा
ये वक्त ज़रा मुश्किल सा है
पर हर कोई इस मुश्किल से आगे जायेगा
जिसने देखी ना कभी आसमान की छाया भी
वो भी जीत का बिगुल बजा कर आसमान पर छायेगा


