तेरी रजा़ हो जाये तो

Law life aur multigyan
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Poetry 



तेरी रजा़ हो जाये तो हमें भी मुहब्बत मिले

तेरा मेरी किस्मत में होना,वो भी किस्मत से मिले

हम परवाह करें क्या ज़माने की

जो मुहब्बत में हमें तेरी कदर मिले

भूल जाऊं वो हर गम जो इस ज़माने से मुझे तोहफे में मिले

चलेगा हर कदम साथ मेरे जो बस ये एक वादा तुझसे मिले

किसी खुशी की परवाह नहीं, तू ग़म भी दे तो क़बूल होगा

सारे ग़मों को वक्त की लहरों मे हम बहा देंगे, जो बस इक तेरा साथ होगा

नहीं है फिकर अगर ये ज़माना ठुकरा देगा हमे

बस जब कहीं हम लड़खडा़ये तो करो वादा तेरा साथ होगा

फिर हो जायें बेदखल इस ज़माने से भी

हमें इसका ना रत्ती भर भी मलाल होगा

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